Himalayan Torch

October - December 2015

क्रिसमस - एक यात्रा

फिर एक बार दिसंबर, फिर एक शीत ऋतु और फिर क्रिसमस। हिम के अलावा क्रिसमस को केक, ट्री, सांता क्लॉस और एक त्यौहार की धूमधाम से जोड़ा जाता है - खाना, पीना और खरीदना। हिमाचल में हम हिम और क्रिसमस ट्री तो जानते हैं, लेकिन क्या यही सब क्रिसमस है?

जब प्रभु यीशु के जन्म से जुड़ी घटनाओं को हम बाइबिल में देखते हैं, तो उनमें कुछ खाना, पीना और मनाना नहीं पाते। बल्कि हम ऐसे व्यक्तियों को पाते हैं जिन्हे कुछ कष्ट सहने पड़े। और अगर इनको बाँधने वाला एक सूत्र हम ढूँढ़ें तो हम पातें हैं कि प्रमुख भूमिका निभाने वाले सभी लोगों ने एक सफर तय किया।

सबसे पहले यूसुफ और मरियम। लूका 2:1-7 में हम देखते हैं कि उन्हें अपना गाँव नासरत छोड़कर नाम लिखवाने के लिए यूसुफ के बाप दादों के गाँव बेतलेहेम जाना पड़ा। क्योंकि वहाँ पहुँचने पर मरियम ने जन्म दिया, यह यात्रा उसकी गर्भावस्था के नवें महीने में हुई। अविवाहित दंपति के रूप में यात्रा करने का अपमान भी था। और अंत में उसने बच्चे को चरणी में जन्म दिया । परमेश्वर की आज्ञाओं का पालन करने के लिए उन्हें एक कठिन सफर तय करना पड़ा।

लूका 2: 8 - 20 में हम गड़रियों के बारे में पढ़ते हैं। जब स्वर्गदूत ने उनसे कहा कि बेतलेहम में उनके लिए एक उधारकर्ता जन्मा है तो वे वहाँ से ज़्यादा दूर नहीं थे। लेकिन जिन भेड़ों के लिए वे साल भर मैदानों में रहते थे, जो उनकी जीविका थी, उन्हें रात में छोड़कर जाना तो उनके अस्तित्व के ही खिलाफ था। सफर छोटा लेकिन संकट वाला ही था।

और मत्ती 2 : 1 - 20 में हम ज्योतिषियों के बारे में पढते हैं, जो आसमान में कुछ चिन्ह देखकर आये थे। वे दूर देश से आये और तब सड़कों और यातायात साधनों की कोई ख़ास सुविधा नहीं थी। वे अपनी मान-मर्यादा, प्रतिष्ठा और प्रताप छोड़कर किसी विदेशी राजा के सामने घुटने टेकने आये। उनका सफर लम्बा, खतरों से भरा और विनम्र था।

लेकिन सबसे महत्वपूर्ण सफर यीशु मसीह ने तय किया। जो वचन "परमेश्वर के साथ था", वह "देहधारी हुआ और हमारे बीच में डेरा किया" (यूह 1 :1 , 14 )। वह स्वर्ग छोड़कर पृथ्वी पर आया। उसने सिंहासन से चरणी की ओर तथा महिमा से क्रूस की ओर यात्रा की। सृष्टिकर्ता ने सृष्टि में प्रवेश किया - एक सफर जिस पर विज्ञान भी प्रकाश नहीं डाल सकता।

क्रिसमस कुछ संकट से भरी यात्राओं की कहानी है जिनके अंत में आनंद है। मरियम को वह पुत्र मिला जिसके कारण वह धन्य हुई (लूका 1 : 46 - 48), गडरिये परमेश्वर की महिमा और स्तुति करते हुए वापस गए (लूका 2 :20 ) और ज्योतिषी तारे को दुबारा देखकर अति आनंदित हुए (मत्ती 2 :10) ।

क्रिसमस को मनाने का अर्थ है प्रभु यीशु और उसके क्रूस की ओर एक सफर तय करना। और किसी भी रूप में इसे मनाना केवल सांसारिक ही है।

किसी सफर पर जाने के लिए हमें अपनी संपति का अधिकतम भाग पीछे छोड़ना पड़ता है। हमें मसीह को एक नवीन रूप से देखने के लिए इस क्रिसमस पर एक सफर तय करना है। और इसके लिए हमें कुछ चीज़ें पीछे छोड़नी हैं। आप इस बार क्या छोड़ेंगे ? अगर हम अपने लक्ष्य और अभिलाषाएं, अहम और विचार को - उन सारी बातों को जो हमें महान बनाती हैं - छोड़ना नहीं चाहते तो क्रिसमस का आनंद नहीं पा सकेंगे। हमारे क्रिसमस कार्यक्रम केवल सेवकाई में बनाये गए लक्ष्य की पूर्ति बनकर रह जाएंगे।

यह ज़रूरी है कि जिस सफर के लिए हम दूसरों को आमंत्रित कर रहे हैं, उस को तय करते हुए हम खुद दिखाई दें।

थॉमस अब्राहम (thomasa@gmail.com, 09816032276)

VISION STATEMENT

Transformed students impacting the campuses and nation as disciples of Lord Jesus Christ.



MISSION STATEMENT

UESI seeks to evangelize post-matric students in India, and nurture them as disciples of Lord Jesus Christ that they may serve the church and society.

PRAYER IDEAS

NORTH REGION

Praise God for:

  • We could meet at Palampur for prayer on 2nd October (UESI Prayer Day). Two students and graduate family from Hamirpur could join us.
  • 45 new students attended the Pre-Christmas Celebration at Dharamshala on 25th November.
  • We could get an opportunity to conduct a Christmas Celebration in Sharan College of Education (B.Ed. College) on 23rd Dec. We could share the message of Christmas with 150 girls and faculty.
  • Enthusiastic participation of students from Dharamshala cell for the programs.


Kindly pray for:

  • Restarting the cells at Dharamshala, Gaggal and Palampur after the winter break.
  • Students to be regular in the bible studies.
  • Students to have hunger for God’s Word and sincere desire to know Him.
  • Bible studies to be effective and the Holy Spirit to work in the lives of the students to transform them.
  • Student initiative in Dharamshala.
  • Student contacts from Engineering College (Nagrota Bagwan) and RPG Medical College (Tanda).
  • Initiation of cell group in Medical college (Tanda) and Grace Nursing School (Kangra).

WEST REGION

Praise God for:

  • 23 new students attended the Christmas program at Hamirpur.
  • A new bible study cell started in Bharari (Bilaspur) with two students – Hari Singh and Tej Pal.


Please pray for:

  • God’s wisdom and help to students as they write their exams.
  • Local cell, NIT, Bijhdi and Bharari cells to be strengthened.
  • New student contacts from Degree College and Polytech College Hamirpur

CENTRAL REGION

Praise God for:

  • Evangelistic camp in Mandi for central region from 22nd - 25th Oct 2015.
  • For 2 new Bible studies started in Kot (Gohar) and in Mahadev (Sunder Nagar).
  • Sunder Nagar ICEU could meet for prayer on 2nd Oct. and for World Student Day on 16th Oct.
  • For God’s wisdom and guidance to all students during their exams.
  • For Christmas program on 22nd Dec. in which 40 new students could hear gospel.
  • Student initiative in Sunder Nagar ICEU.


Kindly pray for:

  • For meaningful follow up of evangelistic camp and Christmas programs.
  • To reach out Abhilashi University and JN Engineering College Sunder Nagar.
  • Regular bible studies of Sunder Nagar ICEU, Mahadev, Gohar and girls Prayer cell.
  • For new contacts in all these bible studies.
  • Spiritual growth of Deepak, Shivam, Raksha, Jyoti, Renu, Somdut and Vipasha.
  • Evangelistic retreat for Kullu EU and to finalize date, speaker and arrangements.
  • Regular functioning of Kullu EU and EGF.
  • Regular bible study of Sunder Nagar EGF.

SOUTH REGION

Praise God for:

  • Pre-Christmas Evangelistic Program at Nauni University (Nauni) and HM Institute (Sanjauli).
  • Christmas celebrations at Shimla, Rohru and Solan.
  • Student Initiative at Rohru.
  • New student contacts (Martin and Suraj) in Shoolini University (Solan).


Please pray for:

  • Shimla EGF to meet regularly.
  • Effective follow-up of students who attended the Christmas programs.

All together nine Christmas programs were held across the state during the months of November and December. 500 students could hear the Gospel through these programs.

TREASURER'S DESK

Dear Brothers and Sisters,

Greetings in the Mighty Name of our Lord Jesus Christ! We want to thank God for His faithfulness in the year 2015. We thank God for providing our financial needs through your support in prayers and contributions. Please remember HP UESI financial needs in your prayers for the coming months.

Yours faithfully,

Hukum Daniel (Treasurer, HPEGF) Email: huku0106@gmail.com; 09805313344

You can send your contribution to:

Account Name: EGF Himachal Pradesh

Account No.: 1713000109922726

Branch Name: PUNJAB NATIONAL BANK, Manali, Kullu District, Himachal Pradesh.

IFSC Code: PUNB0171300

MICR Code: 175024102

After contributing please inform us through mail/SMS. For details contact: Parveen Bharti (Staff In-charge) 08894920084 or Mr. Hukum Daniel (Treasurer) 09805313344.